Ujjain Pandit Jee

विश्वसनीय वैदिक पंडित – उज्जैन महाकाल की नगरी से

नवग्रह शांति पूजा उज्जैन महाकाल | Navgraha Shanti Puja Ujjain | Pt. Bharat Ji
🔱 नवग्रह — काल, कर्म और भाग्य के नियंत्रक — उज्जैन महाकाल में

नवग्रह शांति पूजा उज्जैन
Navgraha Shanti Puja in Ujjain Mahakal

Navgraha Shanti Pujan · 9 Planets · Ujjain Mahakal · Authentic Vedic Rituals

विश्वसनीय वैदिक पंडित – उज्जैन महाकाल की नगरी से
Pt. Bharat Chaturvedi  |  M.A. प्राच्य संस्कृत  |  15+ वर्षों का अनुभव

सभी ग्रह दोषों से मुक्ति और जीवन में संतुलन हेतु उज्जैन में शुद्ध वैदिक नवग्रह शांति पूजा। सूर्य से केतु तक — सभी 9 ग्रहों की शांति एक ही पूजन में।

15+वर्षों का अनुभव
5000+सफल पूजन
9ग्रहों की शांति
100%वैदिक विधि
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Quick Answer · Featured Snippet · AEO

नवग्रह शांति पूजा क्या है?

नवग्रह शांति पूजा एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है जिसमें सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु — इन नौ ग्रहों को एक साथ शांत किया जाता है। जब कुंडली में इनमें से एक या अधिक ग्रह अशुभ स्थिति में हों, तो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में बाधाएं आती हैं। उज्जैन महाकाल में नवग्रह शांति पूजन द्वारा सभी ग्रह दोषों का निवारण एवं जीवन में संतुलन, सफलता और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।

क्या आप भी इन समस्याओं से परेशान हैं?

Symptoms of Navgraha Dosh — नवग्रह दोष के लक्षण

बार-बार असफलता

प्रयास के बाद भी सफलता नहीं

परीक्षा, नौकरी, व्यापार में बार-बार असफलता। मेहनत पूरी पर परिणाम शून्य। योग्यता होने पर भी अवसर नहीं मिलता।

ग्रह दोष

कुंडली में ग्रह अशांत

ज्योतिषी ने ग्रह दोष बताया हो। शनि, राहु, केतु या मंगल की महादशा चल रही हो। साढ़ेसाती या ढैया का प्रभाव।

स्वास्थ्य

लगातार स्वास्थ्य समस्याएं

बार-बार बीमारी। कोई इलाज स्थायी असर न करे। शरीर में थकान, ऊर्जाहीनता। पुराने रोग ठीक न हों।

आर्थिक संकट

धन का न टिकना

आय है पर खर्च अधिक। बचत नहीं होती। अचानक बड़ा नुकसान। कर्ज का बोझ। व्यापार में घाटा।

विवाह बाधा

वैवाहिक जीवन में अशांति

विवाह में देरी। पारिवारिक कलह। पति-पत्नी में तालमेल नहीं। रिश्तों में कड़वाहट।

मानसिक

मानसिक अशांति व भय

बिना कारण चिंता। अवसाद, निराशा। आत्मविश्वास की कमी। नींद न आना। बुरे सपने।

संतान

संतान संबंधी समस्याएं

संतान प्राप्ति में देरी। बच्चों के स्वास्थ्य या शिक्षा में बाधा। गुरु ग्रह (बृहस्पति) कमजोर हो तो संतान सुख कम।

करियर

करियर में ठहराव

प्रमोशन नहीं। मेहनत का फल नहीं। काम में मन नहीं लगता। नेतृत्व क्षमता कम। शत्रु परेशान करते हैं।

🔱 यदि 3 या अधिक लक्षण हैं — तुरंत कुंडली जांच करवाएं

📞 निःशुल्क परामर्श — 7693854679

नवग्रह — नौ ग्रह और उनका जीवन पर प्रभाव

The 9 Planets · Their Influence on Human Life

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ये नौ ग्रह हमारे जीवन के हर पहलू को नियंत्रित करते हैं। जब इनमें से कोई ग्रह अशुभ होता है, तो उससे संबंधित क्षेत्र में बाधाएं आती हैं। Pt. Bharat Ji कुंडली देखकर बताते हैं कि कौन से ग्रह अशांत हैं और उनकी शांति किस विधि से होगी।

☀️
SURYA
सूर्य
आत्मा, नेतृत्व, पिता, सरकारी कार्य, स्वास्थ्य का कारक। अशुभ होने पर पिता को कष्ट, नेत्र रोग, करियर में बाधा।
🌙
CHANDRA
चंद्र
मन, माता, भावनाएं, जल का कारक। अशुभ होने पर मानसिक अस्थिरता, माता को कष्ट, नींद की समस्या।
🔴
MANGAL
मंगल
साहस, ऊर्जा, भूमि, भाई का कारक। अशुभ होने पर मांगलिक दोष, विवाह बाधा, क्रोध, दुर्घटना।
💚
BUDH
बुध
बुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा का कारक। अशुभ होने पर वाणी दोष, व्यापार हानि, बोलने में रुकावट।
🟡
GURU
गुरु (बृहस्पति)
ज्ञान, धर्म, संतान, विवाह का कारक। अशुभ होने पर संतान बाधा, विवाह देरी, आध्यात्मिक हानि।
SHUKRA
शुक्र
प्रेम, सौंदर्य, विलासिता, पत्नी का कारक। अशुभ होने पर वैवाहिक कलह, आर्थिक हानि, स्वास्थ्य समस्या।
🔵
SHANI
शनि
कर्म, न्याय, दीर्घायु का कारक। साढ़ेसाती और ढैया में भारी बाधाएं। विलंब, रुकावट, कठिनाइयां।
🌑
RAHU
राहु (छाया ग्रह)
भ्रम, अचानक उतार-चढ़ाव का कारक। महादशा (18 वर्ष) में कालसर्प दोष सक्रिय। अज्ञात भय, विदेश।
KETU
केतु (छाया ग्रह)
मोक्ष, अध्यात्म, वैराग्य का कारक। अशुभ होने पर अचानक हानि, स्वास्थ्य समस्या, पैरों में कष्ट।

🪐 नवग्रह पूजन क्यों आवश्यक है?

नवग्रह शांति पूजन में एक साथ सभी 9 ग्रहों की शांति की जाती है। यह पूजन विशेष रूप से तब आवश्यक है जब कुंडली में एकाधिक ग्रह दोष हों, महादशा परिवर्तन हो, या जीवन के अनेक क्षेत्रों में एक साथ बाधाएं आ रही हों। Pt. Bharat Ji की कुशल विधि से यह पूजन सर्वाधिक प्रभावशाली होता है।

ग्रह दोष की समस्या और वैदिक समाधान

Problem & Vedic Solution — Navgraha Dosh

⚠️

ग्रह दोष की समस्याएं

  • एक साथ जीवन के अनेक क्षेत्रों में बाधाएं — करियर, विवाह, स्वास्थ्य
  • शनि की साढ़ेसाती या ढैया में भारी संकट और रुकावटें
  • राहु-केतु की महादशा में अचानक नुकसान और भटकाव
  • मंगल दोष से विवाह में देरी और वैवाहिक कलह
  • सूर्य कमजोर होने पर नेतृत्व और आत्मविश्वास की कमी
  • गुरु (बृहस्पति) अशुभ होने पर संतान और शिक्षा में बाधा
  • चंद्र अशांत होने पर मानसिक अस्थिरता और भावनात्मक संकट
  • कुंडली में एकाधिक ग्रह दोष — जीवन अस्त-व्यस्त
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नवग्रह पूजन से समाधान

  • उज्जैन महाकाल में एक साथ सभी 9 ग्रहों की शांति — सम्पूर्ण समाधान
  • प्रत्येक ग्रह के विशेष मंत्र, रत्न और सामग्री से व्यक्तिगत पूजन
  • शनि दोष, राहु-केतु, मंगल और सूर्य — सभी की शांति एक साथ
  • करियर, व्यापार और शिक्षा में नई ऊर्जा और सफलता का मार्ग खुलता है
  • विवाह की बाधाएं दूर होती हैं, संतान सुख का योग बनता है
  • मानसिक शांति, आत्मबल और सकारात्मकता का संचार होता है
  • पारिवारिक जीवन में प्रेम, शांति और सद्भाव आता है
  • दीर्घकालीन ग्रह दोषों से मुक्ति — स्थायी और गहरा प्रभाव

नवग्रह दोष क्यों होता है? मुख्य कारण

Why Navgraha Dosh Occurs — Vedic Astrology Reasons

01
कुंडली में ग्रहों की स्थिति

जन्म कुंडली में जब ग्रह नीच राशि में, शत्रु राशि में, या अशुभ भावों में स्थित हों — तो दोष उत्पन्न होता है। हर ग्रह की उच्च और नीच स्थिति का अलग प्रभाव होता है।

02
महादशा और अंतर्दशा

प्रत्येक ग्रह की अपनी महादशा होती है — शनि 19 वर्ष, राहु 18 वर्ष, बृहस्पति 16 वर्ष। जिस ग्रह की दशा चल रही हो वह यदि अशुभ हो तो उस काल में विशेष कष्ट होता है।

03
पूर्वजन्म के कर्म

पूर्वजन्म में किए गए कर्मों का फल इस जन्म में ग्रह दोष के रूप में मिलता है। नवग्रह शांति पूजन से इन कर्मिक बाधाओं का प्रायश्चित और शमन होता है।

04
ग्रह गोचर का प्रभाव

शनि, राहु, केतु का गोचर जब जन्म राशि पर हो — साढ़ेसाती, ढैया और राहु-केतु का विशेष प्रभाव होता है। इस दौरान पूजन से संकट कम होते हैं।

नवग्रह शांति पूजन — सम्पूर्ण विधि

Complete Navgraha Shanti Puja Procedure — Ujjain Mahakal

01

संकल्प (Sankalp)

जातक का नाम, गोत्र, राशि और जन्म नक्षत्र लेकर विधिवत संकल्प। उज्जैन महाकाल के समक्ष लिया गया संकल्प सर्वोच्च माना जाता है। ग्रहों की शांति का उद्देश्य स्पष्ट किया जाता है।

02

गणपति पूजन

समस्त विघ्नों को दूर करने हेतु सर्वप्रथम श्री गणेश जी का षोडशोपचार पूजन। गणेश जी की कृपा से पूजन निर्विघ्न और सफल होता है।

03

नवग्रह स्थापना

नवग्रह यंत्र की स्थापना। प्रत्येक ग्रह की मूर्ति या प्रतीक की विधिवत स्थापना। प्रत्येक ग्रह के लिए उसकी विशेष दिशा, रंग और सामग्री का उपयोग किया जाता है।

04

नवग्रह पूजन (विशेष)

सूर्य से केतु तक — प्रत्येक ग्रह की षोडशोपचार पूजा। सूर्य को लाल फूल-कमल, चंद्र को श्वेत वस्त्र, मंगल को लाल वस्त्र-मसूर दाल, बुध को हरे वस्त्र, गुरु को पीले वस्त्र, शुक्र को सफेद, शनि को काले तिल, राहु-केतु को नीले वस्त्र।

05

महाकाल रुद्राभिषेक

पंचामृत, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, जल, गंगाजल और बेलपत्र से भगवान महाकाल का विशेष रुद्राभिषेक। यह नवग्रह दोष निवारण का सबसे शक्तिशाली उपाय है।

06

नवग्रह मंत्र जाप

प्रत्येक ग्रह के बीज मंत्र का 108 बार जाप। सूर्य — "ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः", शनि — "ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"। Pt. Bharat Ji शुद्ध उच्चारण के साथ समस्त मंत्र जाप करते हैं।

07

हवन (Navgraha Havan)

नवग्रह हवन सामग्री, शुद्ध देसी घी और प्रत्येक ग्रह की विशेष समिधा से हवन। नवग्रह गायत्री मंत्र के साथ 108 आहुतियां। हवन से ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है।

08

दान एवं आशीर्वाद

नवग्रह शांति के लिए नवधान्य दान — गेहूं, चावल, दाल, तिल, मूंग, चना, जौ, मसूर और उड़द। Pt. Bharat Ji द्वारा व्यक्तिगत परामर्श, रत्न सुझाव, यंत्र और पवित्र प्रसाद प्रदान किया जाता है।

📍 पूजन स्थान: उज्जैन महाकाल ज्योतिर्लिंग, मध्य प्रदेश | रविवार, शनिवार, पूर्णिमा और अमावस्या को विशेष महत्व

📞 पूजन बुकिंग करें — 7693854679

नवग्रह पूजन से मिलने वाले लाभ

Benefits After Navgraha Shanti Puja

🪐
ग्रह शांति

सभी 9 ग्रहों का प्रभाव शांत होता है। कुंडली दोषों का निवारण होता है। जीवन में संतुलन आता है।

⚖️
जीवन में संतुलन

जीवन के सभी क्षेत्रों में एक साथ सुधार होता है। स्थिरता और सकारात्मकता आती है।

🚀
करियर में सफलता

नौकरी में प्रमोशन, व्यापार में उन्नति। ग्रहों की अनुकूल ऊर्जा करियर को गति देती है।

💍
विवाह की बाधाएं दूर

विवाह में आने वाली सभी रुकावटें दूर होती हैं। दांपत्य जीवन में प्रेम और शांति।

🧘
मानसिक शांति

चिंता, भय और अवसाद से मुक्ति। जीवन में आत्मबल और सकारात्मकता का संचार।

💰
आर्थिक समृद्धि

धन का ठहराव। कर्ज से मुक्ति। व्यापार में लाभ। नई संभावनाएं खुलती हैं।

👨‍👩‍👧
संतान सुख

गुरु और पंचम भाव शांत होने से संतान प्राप्ति का योग बनता है। संतान को उन्नति।

🏥
स्वास्थ्य लाभ

सूर्य और चंद्र ग्रह शांत होने से स्वास्थ्य में सुधार। ऊर्जा और जीवनशक्ति बढ़ती है।

Pt. Bharat Chaturvedi Best Pandit Navgraha Shanti Puja Ujjain
उज्जैन के अनुभवी पंडित द्वारा शुद्ध वैदिक पूजन सेवा

Pt. Bharat Chaturvedi

पं. भरत चतुर्वेदी — उज्जैन महाकाल

पं. भरत जी उज्जैन के प्रतिष्ठित वैदिक पंडित और ज्योतिषाचार्य हैं। M.A. प्राच्य संस्कृत की उच्च शिक्षा के साथ 15+ वर्षों का अनुभव। उन्होंने हजारों परिवारों की नवग्रह शांति पूजन, कालसर्प दोष, मंगल दोष और अन्य ग्रह बाधाओं से मुक्ति दिलाई है।

उज्जैन के महाकाल ज्योतिर्लिंग — जहाँ महाकाल (काल के स्वामी) विराजित हैं — से उनका गहरा आध्यात्मिक और पारंपरिक जुड़ाव है। वे यहाँ की शास्त्रोक्त विधि के विशेषज्ञ हैं।

पं. भरत जी नवग्रह पूजन में प्रत्येक जातक की कुंडली का गहन अध्ययन करके कौन से ग्रह अधिक अशांत हैं — यह निर्धारित करते हैं और उसी के अनुसार व्यक्तिगत पूजन विधि तैयार करते हैं। यही उनकी विशिष्टता है।

M.A. प्राच्य संस्कृत 15+ वर्षों का अनुभव उज्जैन महाकाल 5000+ सफल पूजन

हमें ही क्यों चुनें?

Why Choose Pt. Bharat Ji for Navgraha Puja Ujjain

15+
वर्षों का अनुभव

डेढ़ दशक का वैदिक पूजन अनुभव। M.A. प्राच्य संस्कृत की गहरी शिक्षा। प्रत्येक मंत्र शुद्ध उच्चारण के साथ।

5K+
सफल पूजन

5000 से अधिक परिवारों ने नवग्रह पूजन से लाभ उठाया। हर परिवार में खुशियाँ लाई गईं।

9
ग्रहों की शांति

एक साथ सभी 9 ग्रहों का पूजन। प्रत्येक ग्रह के लिए अलग सामग्री, मंत्र और विधि।

🔱
महाकाल की नगरी

उज्जैन — काल के स्वामी महाकाल की नगरी। यहाँ का ग्रह पूजन देशभर में सर्वाधिक प्रभावशाली।

24/7
सदा उपलब्ध

कभी भी Call या WhatsApp करें। कुंडली विश्लेषण, परामर्श और बुकिंग सहायता तुरंत।

व्यक्तिगत पूजन

हर जातक की कुंडली देखकर अलग पूजन योजना। कौन सा ग्रह अधिक अशांत — सटीक विश्लेषण।

उज्जैन महाकाल — नवग्रह पूजन के लिए क्यों?

Why Ujjain Mahakal for Navgraha Shanti Puja

भारत की ज्योतिष राजधानी — उज्जैन

उज्जैन प्राचीनकाल से ज्योतिष विद्या का केंद्र रहा है। विक्रमादित्य के नवरत्न यहीं थे। आर्यभट्ट ने यहीं से ग्रह गणना की। उज्जैन ही वह स्थान है जहाँ से कर्क रेखा गुजरती है — इसीलिए यहाँ ग्रह पूजन का विशेष महत्व है।

महाकाल — जो स्वयं काल के स्वामी हैं — उनके सानिध्य में नवग्रह शांति पूजन अत्यंत प्रभावशाली होता है। ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं और सूर्य महाकाल के उपासक हैं। अतः यहाँ किया गया ग्रह पूजन सीधे ग्रहों तक पहुंचता है।

  • उज्जैन — भारत की प्राचीनतम ज्योतिष नगरी
  • कर्क रेखा और मुख्य मध्याह्न रेखा का संगम स्थल
  • 12 ज्योतिर्लिंगों में महाकाल सर्वोच्च — "आकाशे तारकं लिंगम्"
  • नवग्रह मंदिर — उज्जैन में सभी 9 ग्रहों के अलग मंदिर
  • क्षिप्रा नदी — पवित्र स्नान से ग्रह दोष निवारण
Ujjain Mahakal

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैन, मध्य प्रदेश

भारत की प्राचीनतम ज्योतिष नगरी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Frequently Asked Questions — Navgraha Shanti Puja Ujjain

नवग्रह पूजन के लिए पूर्णिमा, अमावस्या, रविवार (सूर्य) और शनिवार (शनि) विशेष महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा जब किसी ग्रह की महादशा प्रारंभ हो, ग्रहण काल में, या साढ़ेसाती-ढैया में पूजन कराना अत्यंत लाभकारी होता है। Pt. Bharat Ji कुंडली देखकर सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त बताते हैं।
नवग्रह शांति पूजन से सभी 9 ग्रहों के दोषों का शमन होता है। हल्के दोष एक पूजन में ठीक हो जाते हैं। गहरे दोषों में 3 वर्ष तक नियमित पूजन और उपायों की आवश्यकता होती है। Pt. Bharat Ji आपकी कुंडली देखकर सटीक सलाह देते हैं।
उज्जैन में नवग्रह मंदिर है जहाँ सभी 9 ग्रहों के अलग मंदिर हैं। यह भारत की प्राचीनतम ज्योतिष नगरी है। महाकाल — काल के स्वामी — के सानिध्य में यहाँ की गई ग्रह शांति पूजा का फल अन्य स्थानों की तुलना में कई गुना अधिक होता है।
नवग्रह शांति पूजन में सामान्यतः 4 से 6 घंटे का समय लगता है। इसमें संकल्प, नवग्रह पूजन, रुद्राभिषेक, मंत्र जाप और हवन सम्मिलित हैं। यदि अधिक विस्तृत पूजन चाहिए तो पूरे दिन का अनुष्ठान भी होता है।
पूजन की दक्षिणा पूजन के प्रकार, विधि की विस्तृतता और सामग्री के आधार पर निर्धारित होती है। विस्तृत जानकारी के लिए Pt. Bharat Ji से 7693854679 पर बात करें। पहला परामर्श और कुंडली जांच निःशुल्क है।
स्वयं उज्जैन आकर पूजन में भाग लेना सर्वोत्तम है। जो व्यक्ति नहीं आ सकते उनके लिए प्रतिनिधि पूजन (Proxy Puja) की व्यवस्था है। Video Call के माध्यम से पूजन का साक्षी बन सकते हैं और आशीर्वाद-प्रसाद डाक से भेजा जाता है।
शनि की साढ़ेसाती (7.5 वर्ष) में शनि शांति पूजन उज्जैन में अत्यंत लाभकारी होता है। इसके साथ नवग्रह शांति पूजन, शनि के मंत्र का जाप और प्रत्येक शनिवार तेल दान करने से साढ़ेसाती के कष्ट कम होते हैं। Pt. Bharat Ji विशेष उपाय बताते हैं।
पूजन के 40 दिनों के भीतर सकारात्मक बदलाव महसूस होने लगते हैं। करियर, स्वास्थ्य और मानसिक शांति में सुधार जल्दी दिखता है। आर्थिक और विवाह संबंधी बाधाएं 3-6 महीनों में दूर होने लगती हैं। पूजन के साथ बताए गए उपायों का पालन जरूरी है।

ग्रहों की बाधाओं को दूर करें —
महाकाल की कृपा से जीवन में नई रोशनी लाएं

विश्वसनीय वैदिक पंडित – उज्जैन महाकाल की नगरी से
Pt. Bharat Chaturvedi  |  M.A. प्राच्य संस्कृत  |  15+ वर्षों का अनुभव